02 November 2009

Exellent poet KUMAR VISHWAS

कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है !
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है !!
मैं तुझसे दूर कैसा हूँ , तू मुझसे दूर कैसी है !
ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है !!

मोहब्बत एक एहसासों की पावन सी कहानी है !
कभी कबीरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है !!
यहाँ सब लोग कहते हैं, मेरी आंखों में आँसू हैं !
जो तू समझे तो मोती है, जो ना समझे तो पानी है !!

समंदर पीर का है अन्दर, लेकिन रो नही सकता !
यह आँसू प्यार का मोती है, इसको खो नही सकता !!
मेरी चाहत को दुल्हन बना लेना, मगर सुन ले !
जो मेरा हो नही पाया, वो तेरा हो नही सकता !!

भ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हँगामा
हमारे दिल में कोई ख्वाब पला बैठा तो हँगामा,
अभी तक डूब कर सुनते थे हम किस्सा मुहब्बत का
मैं किस्से को हक़ीक़त में बदल बैठा तो हँगामा !!!

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जिसकी धुन पर दुनिया नाचे, दिल एक ऐसा इकतारा है,
जो हमको भी प्यारा है और, जो तुमको भी प्यारा है.
झूम रही है सारी दुनिया, जबकि हमारे गीतों पर,
तब कहती हो प्यार हुआ है, क्या अहसान तुम्हारा है.

जो धरती से अम्बर जोड़े , उसका नाम मोहब्बत है ,
जो शीशे से पत्थर तोड़े , उसका नाम मोहब्बत है ,
कतरा कतरा सागर तक तो ,जाती है हर उमर मगर ,
बहता दरिया वापस मोड़े , उसका नाम मोहब्बत है .

पनाहों में जो आया हो, तो उस पर वार क्या करना ?
जो दिल हारा हुआ हो, उस पे फिर अधिकार क्या करना ?
मुहब्बत का मज़ा तो डूबने की कशमकश में हैं,
जो हो मालूम गहराई, तो दरिया पार क्या करना ?

बस्ती बस्ती घोर उदासी पर्वत पर्वत खालीपन,
मन हीरा बेमोल बिक गया घिस घिस रीता तनचंदन,
इस धरती से उस अम्बर तक दो ही चीज़ गज़ब की है,
एक तो तेरा भोलापन है एक मेरा दीवानापन.

तुम्हारे पास हूँ लेकिन जो दूरी है समझता हूँ,
तुम्हारे बिन मेरी हस्ती अधूरी है समझता हूँ,
तुम्हे मै भूल जाऊँगा ये मुमकिन है नही लेकिन,
तुम्ही को भूलना सबसे ज़रूरी है समझता हूँ

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तुम अगर नहीं आयीं…गीत गा ना पाऊँगा.
साँस साथ छोडेगी सुर सजा ना पाऊँगा..
तान भावना की है..शब्द शब्द दर्पण है..
बाँसुरी चली आओ..होट का निमन्त्रण है..

तुम बिना हथेली की हर लकीर प्यासी है..
तीर पार कान्हा से दूर राधिका सी है..
दूरियाँ समझती हैं दर्द कैसे सहना है..
आँख लाख चाहे पर होठ को ना कहना है
औषधी चली आओ..चोट का निमन्त्रण है..
बाँसुरी चली आओ होठ का निमन्त्रण है

तुम अलग हुयीं मुझसे साँस की खताओं से
भूख की दलीलों से वक़्त की सजाओं ने..
रात की उदासी को आँसुओं ने झेला है
कुछ गलत ना कर बैठे मन बहुत अकेला है
कंचनी कसौटी को खोट ना निमन्त्रण है
बाँसुरी चली आओ होठ का निमन्त्रण है


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ओ कल्पव्रक्ष की सोनजुही..
ओ अमलताश की अमलकली.
धरती के आतप से जलते..
मन पर छाई निर्मल बदली..
मैं तुमको मधुसदगन्ध युक्त संसार नहीं दे पाऊँगा
तुम मुझको करना माफ तुम्हे मैं प्यार नहीं दे पाऊँगा.
तुम कल्पव्रक्ष का फूल और
मैं धरती का अदना गायक
तुम जीवन के उपभोग योग्य
मैं नहीं स्वयं अपने लायक
तुम नहीं अधूरी गजल सुभे
तुम शाम गान सी पावन हो
हिम शिखरों पर सहसा कौंधी
बिजुरी सी तुम मनभावन हो.
इसलिये व्यर्थ शब्दों वाला व्यापार नहीं दे पाऊँगा
तुम मुझको करना माफ तुम्हे मैं प्यार नहीं दे पाऊँगा
तुम जिस शय्या पर शयन करो
वह क्षीर सिन्धु सी पावन हो
जिस आँगन की हो मौलश्री
वह आँगन क्या व्रन्दावन हो
जिन अधरों का चुम्बन पाओ
वे अधर नहीं गंगातट हों
जिसकी छाया बन साथ रहो
वह व्यक्ति नहीं वंशीवट हो
पर मैं वट जैसा सघन छाँह विस्तार नहीं दे पाऊँगा
तुम मुझको करना माफ तुम्हे मैं प्यार नहीं दे पाऊँगा
मै तुमको चाँद सितारों का
सौंपू उपहार भला कैसे
मैं यायावर बंजारा साँधू
सुर श्रंगार भला कैसे
मैन जीवन के प्रश्नों से नाता तोड तुम्हारे साथ सुभे
बारूद बिछी धरती पर कर लूँ
दो पल प्यार भला कैसे
इसलिये विवष हर आँसू को सत्कार नहीं दे पाऊँगा
तुम मुझको करना माफ तुम्हे मैं प्यार नहीं दे पाऊँगा
तुम मुझको करना माफ तुम्हे मैं प्यार नहीं दे पाऊँगा



You can see video on below address..

http://www.youtube.com/watch?v=ufrHWVnPy8g

or just click below

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13 September 2009

My Birthday 13.09.09

Might be life has a loop or a cycle that is made of the happiness and sadness. Today is my birthday and I was happy till last night. I have my own dream but that do not complete because all wish can not be complete by god that is not possible every time. I had planed to visit Gandhinagar with few special friends and they are Mehul, Khalid (kamina), Yatin (prajapati), Tejal (moti), Rashmi(baby), Gnyani (Kiddi) and Prathama(Moti). But we think a lot and every wish come truth that is not possible. So Rashmi and Prathama were absent. It dose not matter to me that Prathama did not come because of it seem natural that due to miss understanding between us. The thing hurts me that was Rashmi did not come but I know that if her mom will not present at her home than she will defiantly come. and one more thing is that aunty is also right how can she come she is just get a disease related to lungs so she need recovery and it’s better to take rest it is seems natural. But she do not tell me that thing hurts me. No problem APANO SE GILA SHIKAWA KAISA. I love my friends so much so that I spent my valuable time with them I went to GUJARAT COLLEGE today pass few time there and a new guest was with us she was Tejal’s bhabi “Shefali”. Then we went to abhilash near Government Polytechnic. We had taken lunch and come back to home but I went with prajapati to his hostel and pass few good time there and also meet Jignesh there. Talk little about Rajakumari…………

24 July 2009

Time To Reestiblish HSRA

What do you think its it time for the revolution???? i still remember some words of Shaheed Bhagat Singh told By Bhavik Raja (All India DSO) that are as per this
We declare that the war is still going on !! जंग आजभी जारी है और जब तक कुछ गीनेचुने शक्तिशाली लोग भारतकी जनता को लुंटते रहेगें तब तक ये जंग जारी रहेगी । और हमे लुटने वाले अंग्रेज हो या भारतीय धनपति हो हमारी लडाई अन्याय और झुल्म के खीलाफ है! (Might be in some PC you can not read then Download the Font named MANGAL or any UNicode font)
i can translate this line to English but i do not did because that's fees better!!
so do you think that is this that time for what Shaheed Bhagat singh died ??? n it's time for Revolution not gains government but again that powerful people that disturb that system !!! and made the whole system damn shit !!

IT'S TIME TO REESTABLISH HINDUSTAN SOCIALIST REPUBLICAN ASSOCIATION (HSRA)
if ur agree to die to give you live to ur county then tell me we will do sothing for World for our country!

Because there are two kind of people are in world one who just wait that some one will come and do and other think that i will start the first one is LOSER and Second one is WINNER !!!

So think for your country and do some thing different Sirf Rang De Basati se inspiration nahi milati aaj hame wo SARFAROSHI chahiye jo apane ghar se in kido ko saf kare

SARFAROSHI TAMNNA AB HAMARE DIL ME HAI DEKHANA HAI JOR KITANA BAJU A KATIL ME HAI

Some line made by SHEED BHAGAT SHINGH,

उसे ये फिक्र है हरदम नया तर्जे जफा क्या है
हमें ये शौख है देखें सितमकी इंतेहा क्या है,
दहर से क्यों खफा रहे चर्ख का क्यो गिला करें,
सारा जहाँ अदु सही आओ मुकाबला करें,
कोई दमका महेमां हुँ, ए अहले-महफिल,
चिरागे सहर हुँ, बुझा चाहता हुँ
हवा में रहेगी मेरे ख्याल की बीजली,
ये मुश्ते खाक हा फानी रहे ना रहे